महाराष्ट्र में निकाय चुनावों में महायुति की बड़ी जीत के अगले ही दिन राज्य सरकार ने तेज रफ्तार में कई फैसले लिए। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब फोकस विकास और सुशासन पर रहेगा। मुंबई में हुई कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे, शहरी परिवहन, कृषि, सिंचाई और आवास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री फडणवीस ने की।
कैबिनेट ने मुंबई के अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए टोल में छूट को एक और साल के लिए बढ़ा दिया। इससे रोजाना यात्रा करने वाले ईवी उपयोगकर्ताओं को सीधी राहत मिलेगी। इसके साथ ही मुंबई अर्बन ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट-2 के लिए संशोधित लागत और राज्य सरकार के हिस्से को भी मंजूरी दी गई, जिससे उपनगरीय रेल और शहरी यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।
ये भी पढ़ें- पुणे-पिंपरी चुनाव में हार के बाद अजित पवार ने बदले सुर, कहा- हार पर चर्चा होगी, भाजपा को दी बधाई
धार्मिक, प्रशासनिक और परिवहन से जुड़े फैसले क्या रहे?
नवी मुंबई के उलवे में तिरुपति देवस्थानम को पद्मावती देवी मंदिर निर्माण के लिए दी गई जमीन पर प्रीमियम माफ करने का फैसला भी कैबिनेट ने लिया। इसके अलावा अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी निदेशालय के 1,901 पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी गई और इसका नाम बदलकर आयुक्तालय करने का निर्णय लिया गया। जिला योजना समितियों और संभागीय आयुक्त कार्यालयों के लिए नए स्टाफ पैटर्न को भी स्वीकृति दी गई।
कृषि, सिंचाई और आवास को लेकर क्या बड़े कदम उठे?
- ठाणे जिले के बापगांव में फल-सब्जियों के लिए मल्टी-मॉडल हब और टर्मिनल मार्केट को मंजूरी।
- करीब 7.96 हेक्टेयर जमीन राज्य कृषि विपणन निगम को दी जाएगी।
- यवतमाल जिले की बेंबला नदी परियोजना को 4,775 करोड़ रुपये की मंजूरी।
- इस परियोजना से पांच तालुकाओं की 52,423 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
- मुंबई पुलिस के लिए 45,000 आवासों की हाउसिंग टाउनशिप परियोजना को हरी झंडी।
ये भी पढ़ें- बीएमसी नतीजों के बाद ‘सामना’ के जरिए शिंदे पर हमला; शिवसेना को बताया शाह-सेना, अवसरवाद का भी आरोप
युवाओं और परिवहन को लेकर नई पहल क्या है?
राज्य सरकार ने पुणे महानगर परिवहन महामंडल के लिए 1,000 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद को भी मंजूरी दी। यह योजना पीएम ई-ड्राइव स्कीम के तहत लागू होगी, जिसमें भुगतान सीधे पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम से किया जाएगा। इसके अलावा कुशल युवाओं को विदेशों में रोजगार दिलाने के लिए ‘महाराष्ट्र एजेंसी फॉर होलिस्टिक इंटरनेशनल मोबिलिटी एंड एडवांसमेंट्स’ यानी महिमा संस्था के गठन को भी मंजूरी दी गई।
जीत के अगले दिन ही फैसले लेने के क्या मायने?
निकाय चुनावों में जीत के तुरंत बाद लिए गए इन फैसलों को महायुति सरकार की मजबूत राजनीतिक स्थिति और प्रशासनिक सक्रियता से जोड़कर देखा जा रहा है। बुनियादी ढांचे, शहरी परिवहन, कृषि और आवास पर एक साथ फैसले यह संकेत देते हैं कि सरकार विकास एजेंडे को तेज करना चाहती है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं का असर सीधे आम जनता और शहरी-ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दिख सकता है।
अन्य वीडियो-
Discover more from Maharashtra News
Subscribe to get the latest posts sent to your email.